Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पहली SIT की फाइनल रिपोर्ट सौंपी गई, चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट

अयोध्या (उत्तर प्रदेश): बहुचर्चित अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पहली विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट ट्रस्ट को विधिवत सौंप दी है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस विस्तृत रिपोर्ट में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को पूरी तरह क्लीन चिट दे दी गई है। उल्लेखनीय है कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में भी चंपत राय को क्लीन चिट दी गई थी, जबकि अनिल मिश्रा पर केवल दान गणना (Counting) की निगरानी में प्रशासनिक लापरवाही का उल्लेख था, परंतु उन्हें कभी सीधा आरोपी नहीं बनाया गया था।

📋 फाइनल रिपोर्ट में केवल 8 पूर्व गिरफ्तार लोगों के नाम, चंपत राय और अनिल मिश्रा नहीं पाए गए दोषी

गृह विभाग द्वारा ट्रस्ट को सौंपी गई इस अंतिम जांच रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को किसी भी प्रकार की वित्तीय धांधली या चोरी का दोषी नहीं माना गया है:

  • आरोपियों की सूची: एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में केवल उन्हीं 8 व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं, जिन्हें पुलिस और जांच एजेंसियों द्वारा पूर्व में ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

  • व्यवस्था में खामियां: रिपोर्ट में दान गणना के दौरान बैंक और ट्रस्ट स्तर पर निगरानी प्रणाली में कुछ प्रशासनिक चूकों और कमजोरियों का उल्लेख किया गया है, जिन्हें भविष्य में दुरुस्त करने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल को और कड़ा किया जा रहा है।

📅 13 जून को सीएम योगी के आदेश पर बनी थी पहली SIT, 27 जून को दोनों ने दिया था इस्तीफा

राम मंदिर के दान में अनियमितताओं की बात सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया था:

  • एसआईटी का गठन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर और ट्रस्ट के औपचारिक अनुरोध के बाद 13 जून को पहली SIT का गठन किया गया था।

  • उच्च स्तरीय समिति: इस जांच दल की अध्यक्षता लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने की थी, जिसमें लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार बतौर सदस्य शामिल थे।

  • इस्तीफा और एफआईआर: SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके आधार पर 25 जून को अयोध्या में विधिवत एफआईआर (FIR) दर्ज की गई। वहीं, दान विवाद की निष्पक्ष जांच के लिए चंपत राय और अनिल मिश्रा ने 27 जून को अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। वर्तमान में इस मामले की अग्रिम जांच सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत गठित दूसरी SIT द्वारा की जा रही है।

Comments are closed.