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पटाखा रखने का लाइसेंस, अंदर चल रहा था बनाने का काम; गुजरात की फैक्ट्री में धमाके की असल कहानी

गुजरात के बनासकांठा की पटाखा फैक्टरी में धमाका और आग लगने की घटना से 18 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. बताया जा रहा है कि यह हादसा बॉयलर फटने की वजह से हुआ है. हालांकि जिला प्रशासन के मुताबिक इस स्थान पर कोई फैक्ट्री नहीं, बल्कि गोदाम के लिए लाइसेंस दिया गया था. इसमें पटाखों के भंडारण की अनुमति दी गई थी. हादसे की जांच में पाया गया है कि भंडारण की आड़ में गोदाम संचालक यहां पटाखे बनाने लगा था.

बनासकांठा पुलिस एवं प्रशासन के मुताबिक जिस वक्त यहां धमाका हुआ, सुबह के पौने दस बज रहे थे और उसी समय गोदाम में मजदूर अपनी ड्यूटी शुरू करने जा रहे थे. अचानक तेज धमाका हुआ और देखते ही देखते इमारत इमारत की छत का एक हिस्सा उड़ गया. बताया जा रहा है कि इस धमाके से वहां काम कर रहे 25 से अधिक लोग जमीन पर गिर गए और इतने में छत का मलबा उनके ऊपर गिर गया. इस मलबे में दबने से अब तक 18 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं बाकी लोगों की मलबे में तलाश कराई जा रही है.

चार-पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया

सूत्रों के मुताबिक बनासकांठा के डीसा कस्बे के पास हुए इस हादसे के वक्त इस गोदाम में महिला पुरुष एवं बच्चों समेत 30 से अधिक लोग मौजूद थे. इस संबंध में बनासकांठा के कलेक्टर मिहिर पटेल ने बताया कि भयानक धमाका था. इस धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनी गई. इस हादसे में गोदाम का पूरा स्लैब ढह गया है. उन्होंने बताया कि इस हादसे में चार पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

पटाखे के ढेर में आग से हुआ धमाका

डीसा की उपमंडल मजिस्ट्रेट नेहा पांचाल के मुताबिक धमाके के बाद फैक्ट्री में आग लग गई थी. इसकी वजह से लगातार धमाके हुए और छत ढहने की वजह से इतने सारे लोग चपेट में आ गए. उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त गोदाम से फैक्ट्री बने इस इमारत में पटाखे बनाए जा रहे थे. आशंका है कि इसी दौरान कोई पटाखा जमीन पर गिरा होगा और उससे आग लगी होगी. इसके बाद अन्य पटाखों में आग लगने से बड़ा धमाका हो गया. पुलिस के मुताबिक इस परिसर में कुछ लोग अपने परिवार के साथ भी रहते थे और वह भी इस धमाके के शिकार हुए है.

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