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गाड़ी के आगे लेट गए अभ्यर्थी जैसे तैसे वह भागकर गाड़ी तक पहुंचे, लेकिन इतने में अभ्यर्थी भी उनका पीछा करते हुए और उनकी गाड़ी के आगे लेट गए. ऐसे हालात में पुलिस ने बड़ी मुश्किल से अभ्यर्थियों को हटाया और फिर गाड़ी आगे बढ़ाई. इस दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि अभी 6421 अनुकंपा वालों को नौकरी दी है. नियम के तहत ही इस मामले में भी निर्णय लिया जाएगा. कहा कि इस संबंध में बीपीएससी से बात कर रास्ता निकालने की कोशिश की जाएगी.

महाराष्ट्र में सोमवार को हाई कोर्ट की नागपुर पीठ को बम से उड़ाने की पुलिस को धमकी मिली. इससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया. आनन-फानन पुलिस की टीम बम निरोधक दस्ते के साथ कोर्ट पहुंची और जांच की लेकिन कुछ नहीं मिला. तलाशी अभियान के साथ ही पुलिस ने कॉल करने वाले तक पहुंचने की कोशिश भी शुरू की, जिसमें बड़ी सफलता मिली. पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. वो नागपुर के जरीपटका का रहने वाला है. आरोपी की पहचान ओमप्रकाश सुरेशकुमार वासवानी के रूप में हुई है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है.

महाराष्ट्र में बम की धमकी का ये दूसरा बड़ा मामला है. इससे पहले फरवरी में डिप्टी सीएमएकनाथ शिंदे को जान से मारने की धमकी दी गई थी. इसको लेकर गोरेगांव पुलिस को अज्ञात शख्स ने ईमेल भेजा था. इसमें शिंदे की गाड़ी को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. इतना ही नहीं मंत्रालय और जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन में भी इसी तरह की धमकी भरा मेल भेजा गया था.

धमकी की खबर मिलते ही एक्शन में आई राज्य सरकार

ये बात उस वक्त की है जब शिंदे दिल्ली में मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे थे. धमकी की खबर मिलते ही राज्य सरकार एक्शन में आई और उनकीसुरक्षा सख्त की गई. शुरुआती पुलिस जांच में ये बात सामने आई थी कि ये हॉक्स कॉल (मेल) था. ये पहली घटना नहीं थी जब शिंदे को धमकी मिली हो.

इसी साल जनवरी में24 साल के युवक ने सोशल मीडिया पर शिंदे को जान से मारने की धमकी दी थी. इस पर पुलिस एक्शन में आई और ठाणे के श्रीनगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की थी.

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