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इंदौर: नगर निगम ARO जितेंद्र पांडे के ठिकानों पर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, 31 साल की नौकरी में बनाई करोड़ों की काली कमाई

इंदौर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भ्रष्टाचार विरोधी लोकायुक्त पुलिस ने एक अत्यंत बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई को अंजाम दिया है। लोकायुक्त संगठन को विगत काफी समय से गोपनीय शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि इंदौर नगर निगम (IMC) में पदस्थ एक अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग कर ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक अनुपातहीन संपत्ति अर्जित कर रखी है। शिकायतों के प्राथमिक सत्यापन के उपरांत लोकायुक्त की विशेष टीम ने गुरुवार की तड़के अधिकारी के आवासीय परिसर सहित अन्य संबंधित ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये की बेहिसाब चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है।

📊 वैध आय से 216.35 प्रतिशत अधिक पाई गई संपत्ति, 2 टीमों ने एक साथ दी दबिश

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश सहाय को प्राप्त शिकायत के आधार पर लोकायुक्त की दो विशेष टीमों का गठन किया गया था।

लोकायुक्त निरीक्षक आशुतोष मिठास के अनुसार, टीम ने इंदौर नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी (ARO) जितेंद्र पांडे के आनंद नगर एक्सटेंशन (नवलखा) स्थित निजी निवास तथा गुलमोहर (गजाधर नगर) स्थित छात्रावास पर एक साथ दबिश दी। प्राथमिक जांच और आय-व्यय के विश्लेषण में पाया गया कि अधिकारी के पास उसकी वास्तविक व वैध आय की तुलना में 216.35 प्रतिशत अधिक अनुपातहीन संपत्ति मौजूद है, जिसे लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

🏢 80 लाख की वैध आय पर मिली 2.53 करोड़ की संपत्ति, पत्नी के नाम हॉस्टल और भूखंड बरामद

लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्र पांडे का नगर निगम में कुल 31 वर्षों का सेवाकाल रहा है, जिसके अनुसार उनकी कुल वैध आय का आकलन लगभग 80 लाख रुपये किया गया था।

किंतु छापेमारी के दौरान अधिकारी की कुल परिसंपत्तियों का मूल्य 2 करोड़ 53 लाख रुपये से अधिक पाया गया। यह राशि उनकी ज्ञात व वैध आय से 1 करोड़ 73 लाख रुपये अधिक है। संपत्ति विवरण में आनंद नगर में 40×50 वर्गफीट का विशाल भूखंड व मकान, गजाधर नगर (गुलमोहर) में पत्नी के नाम पर संचालित एक विशाल छात्रावास (हॉस्टल) तथा पत्नी व पुत्र के नाम पर पंजीकृत कई चार पहिया और दो पहिया लग्जरी वाहन शामिल हैं।

🔒 लाखों के सोने-चांदी के जेवरात और नगदी जब्त, बैंक लॉकरों और नए निवेशों की पड़ताल जारी

कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त की टीम ने अधिकारी के घर से लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, नकदी तथा हाल ही में खरीदी गई संपत्तियों से संबंधित मूल रजिस्ट्री व अनुबंध दस्तावेज बरामद कर जब्त कर लिए हैं।

लोकायुक्त के जांच अधिकारियों ने बताया कि संबंधित अधिकारी के विभिन्न बैंक खातों और बैंक लॉकरों को सीज कर उनकी सघन जांच-पड़ताल की जा रही है। जांच अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की विस्तृत स्क्रूटनी और बैंक लॉकरों के खुलने के बाद बेहिसाब संपत्ति के आंकड़े में और बड़ा इजाफा होने तथा अन्य खुलासे होने की प्रबल संभावना है।

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