फ्रॉड काल से डरे युवक ने खुद का गला काटा,भर्ती,जांच के लिए टीम राजस्थान रवाना

सारनी। नगर के सुनील गावस्कर वार्ड क्रमांक 5 में साइबर ठगी करने वालों ने फोन कर एक युवक को अपने जाल में फंसा लिया। इसके चलते युवक राजा सूरे ने अपना गला काटकर जान देने की कोशिश की है। घायल युवक का इलाज एमपीईबी के अस्पताल में करने के बाद जिला अस्पताल रैफर कर दिया।
मांग मोहल्ले में रहने वाले राजा सूरे के परिजनों ने बताया कि फोन कॉल पर डीएसपी लिखा हुआ आ रहा था। उन्होंने कहा कि तुमने ऑनलाइन क्रोम पर कुछ गलत चीज देखी है। जिससे तुम्हारे ऊपर मामला दर्ज कर लिया है। इससे बचना है तो 20000 की व्यवस्था करके रखो नहीं तो पुलिस तुमको उठाने पहुंच रही है। वो घबरा गया और उसने दोस्तों को पैसे का इंतजाम करने के लिए कहा, लेकिन इतनी बड़ी रकम इतनी जल्दी जुटा पाना मुश्किल था। इसके डर से वह बाथरूम में गया और ब्लेड से गला काट लिया। गला काटने से वह जमीन पर गिर गया। उसके जमीन पर गिरने की आवाज सुनकर घर के लोगों ने उसे उठाकर पावर जनरेटिंग कंपनी के अस्पताल में पहुंचा दिया। यहां उपचार करने के बाद बैतूल भेज दिया गया। जनरेटिंग कंपनी के अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी विजय रघुवंशी ने कहा कि राजेश सूरे गला कटा होने की स्थिति में आया था। खून काफी बह रहा था। इमरजेंसी को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक उपचार कर बैतूल रेफर कर दिया गया। इसकी सूचना पुलिस विभाग को दी गई है।
टी आई सारणी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि पीड़ित को वीडियो कॉल और वॉयस कॉल के माध्यम से ब्लैकमेल किया जा रहा था। आरोपियों ने ₹20,000 की मांग की थी और भुगतान न करने पर पीड़ित का आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी।ब्लैकमेल और मानसिक दबाव के कारण पीड़ित ने यह आत्मघाती कदम उठाया। पीड़ित के मोबाइल की जांच में आरोपियों द्वारा वीडियो कॉल, चैट और धमकी भरे संदेश भेजने के प्रमाण मिले हैं।व्हाट्सएप चैट से पता चला कि ब्लैकमेलर बार-बार संपर्क कर रहे थे।
इस मामले में संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी ट्रैकिंग की जा रही है।
आरोपियों पर BNS की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है
इसके अलावा, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है।
उपनिरीक्षक सुनील गौर के नेतृत्व में एक टीम राजस्थान रवाना की गई है। इस मामले में राजस्थान पुलिस से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है
एसपी निश्चल एन झारिया ने बताया कि साइबर सेल को डिजिटल साक्ष्य एकत्र करने और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच के निर्देश दिए गए हैं
पुलिस आमजन से अपील करती है कि ऑनलाइन फ्रॉड और ब्लैकमेलिंग से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। साइबर अपराध से बचने के लिए अनजान लोगों से वीडियो कॉल और निजी जानकारी साझा करने से बचें।