बैतूल। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी बीती रात एक घायल युवक के परिजन की शिकायत पर महज पांच मिनट में जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने उस घायल को देखा जिसका सिटी स्कैन नही हो पा रहा था। मरीज भर्ती होने के बाद तीन घंटे से तड़प रहा था।

 

यहां रात 12 बजे पट्टन सीएचसी से रैफर दुर्गेश (17)

को भर्ती कराया गया था। रात को पट्टन से सांवरी जाते समय उसकी बाइक को पिक अप ने टक्कर मार दी थी।जिसमे उसका जबड़ा टूट गया था। वह रात 12 बजे रैफर होकर जिला अस्पताल आया।लेकिन रात तीन बजे तक भी उसका इलाज शुरू नही हो सका था। ऐसे में घायल के साथ आए 

बैतूल आईटीआई में पढ़ने वाले छात्र निलेश आहके ने रात 3 बजे कलेक्टर को जैसे ही फोन लगाया। इस फोन के महज 5 मिनट बाद कलेक्टर जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने यहां मौजूद स्टॉप को जमकर फटकार लगाई। मरीज को सिटी स्कैन की जरूरत थी।लेकिन स्कैन के लिए आधार कार्ड और रुपए मांगे जा रहे थे।जो उसके पास नही थे।जिसके बाद उसने रात तीन बजे कलेक्टर को काल कर दिया। कलेक्टर इस दौरान कहीं से।लौट रहे थे।वे उतनी हीं रात जिला अस्पताल पहुंच गए।।

 

 कलेक्टर जिला चिकित्सालय पहुंचने के बाद अपनी गाड़ी से उतरते ही सीधे तीसरी मंजिल के पुरुष सर्जिकल वार्ड पहुंच गए और शिकायतकर्ता से मरीज की जानकारी ली और मरीज की हालत देख कलेक्टर ने नाराज होते हुए वहां मौजूद नसों को फटकार लगाई वहीं ड्यूटी डॉक्टर और सीएमएचओ सहित सीएस को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचने कों कहा।

 आनन फानन में सीएमएचओ और सिविल सर्जन सहित जिला चिकित्सालय के अधिकारी जिला चिकित्सालय पहुंचे जहां कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल मरीज का उपचार की व्यवस्था करने के आदेश दिए । इसके बाद कलेक्टर सीधे ट्रामा सेंटर स्थित सीटी स्कैन कार्यालय पहुंचे और वहां पर सिटी स्कैन केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए की सबसे पहले यदि किसी के पास डॉक्यूमेंट ना हो तो उसका सीटी स्कैन करें। डॉक्यूमेंट के चलते सीटी स्कैन ना रोका जाए कलेक्टर ने ट्रामा सेंटर के पास गंदगी देखकर स्टाफ को फटकार लगाई। उन्होंने शाम 5 बजे फिर दौरा करने तक व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। वे करीब एक घंटे अस्पताल में।रुके।

सिविल सर्जन डॉक्टर अशोक बारंगा ने बताया की मरीज का सिटी स्कैन किया जाना था। जिसके लिए राशि की मांग की गई थी।चूंकि स्कैन सेंटर प्राइवेट कंपनी चलाती है। वहां शुल्क देना होता है। उसके रूपयो की व्यवस्था कर दी गई। मरीज के गंभीर होने के कारण उसे भोपाल रैफर किया गया है।