Logo
ब्रेकिंग
दतिया उपचुनाव " भाजपा: गलत निर्णयों की भरमार का दुष्परिणाम प्रस्तावित नगर निगम में शामिल किए जाने का फिर विरोध, डोक्या पाढर के ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्... बैतूल में इंस्टग्राम पर झांसा देकर सवा दो लाख की ठगी, शाजापुर से पकड़ाया आरोपी एयरफोर्स में चयनित मोहित की जीजा और चेचेरे भाईयों ने कर दी हत्या, जमीन हड़पने की लालच, पुरानी रंजिश ... महदगांव के फोटोग्राफर युवक की सड़क हादसे में मौत, पेट्रोल लेने जाते समय अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर बैतूल: पांच मंदिरों में चोरी के आरोपी का हुलिया जारी, माता की चुनरी ओढ़कर वारदात करता आया नजर; पहचान... बैतूल में NSUI का प्रदर्शन: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला फूंका, राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार ... दो दिन पहले पानी में मिली लाश निकली हत्या: अवैध संबंधों के विवाद में गमछे से गला घोंटकर युवक की हत्य... बैतूल: अतिरिक्त यात्री भीड़ को देखते हुए नागपुर-दानापुर स्पेशल ट्रेन 3 अगस्त को चलेगी, बैतूल में तड़... वन क्षेत्र में अवैध कटाई और वन्यजीव का आवास नष्ट करने वाले 3 आरोपी गए जेल, वन विभाग ने 98.63 हजार रु...
Header Ad

29 साल के महानआर्यमन तोड़ेंगे पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया का रिकॉर्ड

0

इंदौर। मध्य प्रदेश के क्रिकेट की राजनीति में सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी की आमद अब तय हो चुकी है। महानआर्यमन सिंधिया मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) के आगामी चुनाव में अध्यक्ष पद के अकेले दावेदार हैं, जिससे उनका निर्विरोध चुना जाना तय है। इसके साथ ही मात्र 29 साल की उम्र में वे एमपीसीए के 68 साल के इतिहास में सबसे युवा अध्यक्ष होंगे।

इस मामले में वे अपने ही पिता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कीर्तिमान तोड़ने जा रहे हैं। अब तक एमपीसीए के सबसे युवा अध्यक्ष का रिकॉर्ड ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम था, जो 35 वर्ष की आयु में अध्यक्ष बने थे। एमपीसीए की चुनावी वार्षिक साधारण सभा की बैठक दो सितंबर को होना है। नामांकन शनिवार को जमा हुए। महानआर्यमन के खिलाफ किसी ने भी नामांकन नहीं भरा है।

वे वर्ष 2022 से ग्वालियर संभागीय क्रिकेट संगठन के उपाध्यक्ष भी हैं। बीते दो साल से मध्य प्रदेश क्रिकेट लीग के माध्यम से महानआर्यमन ने अपनी प्रशासनिक क्षमताओं को साबित करने का प्रयास किया। ज्योतिरादित्य सिंधिया वर्ष 2006 में पहली बार अध्यक्ष बने थे, तब उनकी उम्र 35 वर्ष थी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया से पहले उनके पिता स्व. माधवराव सिंधिया ने 37 वर्ष की उम्र में पहली बार एमपीसीए के अध्यक्ष की कुर्सी संभाली थी। एमपीसीए के पहले अध्यक्ष मनोहर सिंह मेहता थे, जिन्होंने 1957 में पद संभाला था।

कनमड़ीकर परिवार की भी तीसरी पीढ़ी

सिंधिया परिवार की तरह कनमड़ीकर परिवार की भी तीसरी पीढ़ी क्रिकेट की राजनीति में आ रही है। कानूनविद प्रसून कनमड़ीकर के खिलाफ भी प्रबंधकारिणी में कोई विरोधी नहीं है। उनके पिता स्व. मिलिंद कनमड़ीकर एमपीसीए के सचिव रहे हैं जबकि दादा स्व. अनंतवागेश कनमड़ीकर बीसीसीआई के सचिव के साथ एमपीसीए के वरिष्ठ पदों पर रहे हैं।

जो अब तक सदस्य नहीं वे भी बनेंगे पदाधिकारी

कोषाध्यक्ष पद के लिए संजीव दुआ का चयन भी तय है क्योंकि वे अकेले दावेदार हैं। उनके पिता नरेंद्र दुआ और भाई राजीव दुआ दोनों सदस्य हैं, लेकिन संजीव अब तक संगठन के सदस्य नहीं हैं। उन्होंने सीसीआई के प्रतिनिधि के रूप में नामांकन दाखिल किया है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.