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एक ऑनलाइन ऐप, पौने दो करोड़ रुपये, 9 राज्य…इंदौर में रिटायर्ड प्रोफेसर से कैसे हुई ठगी?

मध्य प्रदेश के इंदौर में इन दिनों ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. हाल ही में एक रिटायर्ड प्रोफेसर ने इंदौर क्राइम ब्रांच में शिकायत की, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें एक अनजाने नंबर से फोन आया था. इस फोन में शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने का प्रस्ताव दिया गया था. ठगों ने कहा कि यदि वे एक निश्चित राशि निवेश करेंगे, तो उन्हें अच्छा लाभ मिलेगा.

चूंकि, रिटायर्ड प्रोफेसर के पास रिटायरमेंट के बाद काफी पैसे थे और उन्होंने अलग-अलग सेविंग्स भी की हुई थी, इसलिए उन्होंने इस प्रस्ताव पर विश्वास करते हुए शेयर ट्रेडिंग में एक करोड़ 70 लाख रुपये निवेश कर दिए. इसके बाद ठगों ने उन्हें एक ऑनलाइन ऐप भी दिया, जिसमें प्रोफेसर को अपने निवेश पर बढ़ोतरी का अहसास हो रहा था. जब उनका निवेश एक निश्चित समय में दोगुना हो गया, तो प्रोफेसर ने प्रॉफिट निकालने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं निकल सका. इसके बाद प्रोफेसर ने फोन करने वाले व्यक्ति से संपर्क किया, लेकिन वह व्यक्ति अपना फोन बंद कर चुका था. तब उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें ठगा गया है. इसके बाद उन्होंने पूरी घटना की शिकायत इंदौर क्राइम ब्रांच में की.

9 राज्यों के बैंकों में ट्रांसफर

इंदौर क्राइम ब्रांच ने तुरंत इस मामले की जांच शुरू की और पाया कि आरोपियों ने रिटायर्ड प्रोफेसर से ठगे गए एक करोड़ 70 लाख रुपये 9 राज्यों में स्थित विभिन्न बैंकों के अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दिए थे. इसके बाद इंदौर क्राइम ब्रांच ने इन बैंकों में ट्रांसफर की गई राशि पर रोक लगा दी है और पूरी तरह से मामले की जांच की जा रही है. पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि आरोपियों ने जिन बैंकों में पैसे ट्रांसफर किए हैं, वे बैंकों के अकाउंट्स किराए पर लिए हुए हो सकते हैं.

सावधान रहने की जरूरत

इस मामले में पुलिस अब इन बैंक अकाउंट होल्डर्स तक पहुंचने की कोशिश कर रही है और जल्द ही इस पूरे मामले में और खुलासे किए जाने की उम्मीद है. बता दें कि इंदौर में पहले भी कई ऑनलाइन ठगी के मामले सामने आ चुके हैं. इंदौर क्राइम ब्रांच पुलिस समय-समय पर ऑनलाइन ठगी को लेकर एडवाइजरी जारी करती रहती है, इसके बावजूद अपराधी ठगी की घटनाएं अंजाम दे रहे हैं.

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